लोग आज़ादी के एक दशक बाद अदद विकास के लिए मोहताज

लोग आज़ादी के एक दशक बाद अदद विकास के लिए मोहताज

लोग आज़ादी के एक दशक बाद अदद विकास के लिए मोहताज

https://youtu.be/NqhW14Kx5_4

एक ओर जहां बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटरों को रिझाने के लिए प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया जा रहा है, पर वहीं, अररिया जिले के ऐसे कई प्रखंक व पंचायत हैं जहां आज भी लोग आज़ादी के एक दशक बाद अदद विकास के लिए मोहताज हैं और जान जोखिम में डाल सफ़र करने को बेबस हैं. ताज़ा मामला रानीगंज प्रखंड के कोशकापुर दक्षिण पंचायत वार्ड संख्या छः शाही नवटोली का है जहां के ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि की मनमानी को लेकर नाराज़गी जताई. जिससे गुस्साए लोगों ने ग्रामीण सड़क पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. शाही नवटोली के सड़क निर्माण के राशि की निकासी एक वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव की विभिन्न सडकों की बदहाली दूर नहीं हो सकी है. जिस वजह से बरसात के समय में सड़क पर जगह जगह गड्ढे सहित कीचड़ मय हो जाने से आवागमन में भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है. इस मामले में ग्रामीणों ने रानीगंज बीडीओ, जिलाधिकारी से शिकायत किए हुए महीनों बीत गए फ़िर भी अब तक कोई करवाई नहीं हो पाई है. इस मामले की जांच जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को जांच के लिए भेजा था जांच में डीपीआरओ ने ग्रामीणों की सत्य पाई जिसके बाद करवाई का आश्वासन भी दिया गया पर इसका कोई असर मुख्या पर नहीं पड़ा. वित्तीय वर्ष 2018-19 व 2019-20 में पंचम वित्त व 14 वित्त के तहत तीन अलग अलग योजनाओं के नाम पर राशि की निकासी की गई थी. ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जांच के बाद बीडीओ 23 जून 2020 को ज्ञापक 518 के माध्यम से मुख्या व सचिव को संबंधित अभिकर्ता के विरुद्ध मामला दर्ज करने का आदेश दिया था. डीपीआरओ ने भी 891 के ज्ञापांक के माध्यम से करवाई का आदेश दिया था. लेकिन महीनों से ज़्यादा का वक़्त बीत गया है पर अब तक कोई करवाई नहीं हुई है. वहीं, टेलीफोनिक बातचीत में मुख्या लॉकडाउन और तकनीकी खामियों की वजह से काम नहीं हो पाया है. साथ ही इस मामले में जो लोग हमारा विरोध कर रहे हैं वो राजनीति के कारण अपना चेहरा चमकाने के लिए इस तरह का काम कर रहे हैं.