भारत ने दुबई में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर जीता ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार, 9 मार्च 2025 को एक ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीत लिया। 252 रनों का पीछा करते हुए भारत ने 49 ओवर में 254/6 का स्कोर बनाया — एक ओवर बाकी रहते हुए। इस जीत के साथ भारत ने अपने क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिखा, और रोहित शर्मा ने अपने कप्तानी के दौरान एक ऐसा पारी खेली जिसे आज भी याद किया जाएगा।
पहले बल्लेबाज़ी करने वाली न्यूजीलैंड का संघर्ष
न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया, और शुरुआत तो बहुत अच्छी रही। डेरल मिचेल ने 101 गेंदों में 63 रन बनाए — एक छक्का भी नहीं लगाया, लेकिन उनकी टेक्निक और धैर्य ने टीम को स्थिर रखा। उनके साथ माइकल ब्रेसवेल ने अपनी पहली ओडीआई अर्धशतक (50 रन, 39 गेंद) के साथ तेज़ी ला दी। लेकिन भारत की स्पिन टीम ने बिल्कुल नियंत्रण नहीं छोड़ा।
पावरप्ले 2 (11-40 ओवर) में न्यूजीलैंड के 103 रन और 4 विकेट गिरे। यहीं बदलाव आया। वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट लिए। जब तक बाकी के ओवर नहीं आए, तब तक न्यूजीलैंड का स्कोर 251/7 रह गया — अच्छा लेकिन दबाव में।
भारत की बल्लेबाज़ी: रोहित का शानदार नेतृत्व
भारत की बल्लेबाज़ी शुरू हुई तो देखने वालों के दिल धड़क उठे। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले पावरप्ले में 64 रन बिना किसी विकेट के गिराए। 44 गेंदों में 51 रन का शुरुआती जोड़ी ने भारत को तेज़ शुरुआत दी। रोहित ने 41 गेंदों में 50 रन पूरे किए — अपनी 58वीं ओडीआई अर्धशतक।
लेकिन जब गिल और कोहली दोनों जल्दी आउट हुए, तो दबाव बढ़ गया। कोहली केवल 2 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट हुए। तब आया श्रेयस अय्यर — 62 गेंदों में 48 रन। उनका जोड़ी अक्षर पटेल के साथ 61 रन की थी, जिसने टीम को फिर से जमीन पर लाया।
फिर आया केएल राहुल — 33 गेंदों में 34* रन। उन्होंने बिना डरे गेंदबाज़ी का सामना किया। हार्दिक पांड्या ने 18 रन बनाए, लेकिन 48वें ओवर में काइल जैमीसन ने उन्हें आउट कर दिया। तब भी 10 रन बाकी थे। राहुल ने अगली गेंद पर चौका मारा — और जीत सुनिश्चित हो गई।
स्पिन अटैक: भारत की गुप्त हथियार
इस जीत का असली कारण था भारत की स्पिन टीम। बुम्राह और सिराज के अनुपस्थिति में, भारत ने वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा को अपनी ताकत बनाया। उनके गेंदों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ों को उलझाया।
खासकर पावरप्ले 2 में, जब न्यूजीलैंड को तेज़ी से रन बनाने की जरूरत थी, तब भी उन्होंने सिर्फ 103 रन बनाए। यह एक बड़ी उपलब्धि थी। जडेजा के बाद वरुण और कुलदीप ने लगातार विकेट लिए। यही वजह है कि न्यूजीलैंड का स्कोर 250 के आसपास रुक गया।
इतिहास का एक नया पन्ना
इस जीत के साथ भारत ने अपनी चैंपियंस ट्रॉफी का दूसरा खिताब जीता — पहला 2013 में था। इस बार वह टीम थी जिसमें तीन बल्लेबाज़ अपनी पहली बड़ी फाइनल में थे, और दो गेंदबाज़ अपने पहले टूर्नामेंट के फाइनल में।
पिछले साल वानखेड़े में भारत ने न्यूजीलैंड को 397 रन बनाकर हराया था — तब कोहली ने अपनी 50वीं ओडीआई शतक लगाई थी। लेकिन आज वही टीम बिना अपने तेज़ गेंदबाज़ों के एक बड़े टारगेट का पीछा करके जीत गई। यह असली टीम की ताकत थी।
अगले कदम: विश्व कप की तैयारी
अब भारत की नजर 2027 के विश्व कप पर है। इस जीत ने टीम के लिए बहुत कुछ साबित कर दिया — बल्लेबाज़ी की गहराई, स्पिन अटैक की प्रभावशीलता, और कप्तानी की बुद्धिमानी। रोहित शर्मा ने अब तक अपनी तीनों बड़ी टूर्नामेंट फाइनल्स में शानदार पारी खेली हैं।
क्या यह भारत के लिए एक नई युग की शुरुआत है? शायद। लेकिन एक बात तो साफ है — जब भारत के पास दिमाग और धैर्य हो, तो कोई भी टारगेट असंभव नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस जीत ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए क्या महत्व रखता है?
यह जीत भारत के लिए दूसरा ICC चैंपियंस ट्रॉफी खिताब है, और यह एक ऐसी टीम की जीत है जिसमें बुम्राह और सिराज जैसे तेज़ गेंदबाज़ नहीं थे। इसने साबित कर दिया कि भारत की स्पिन अटैक और बल्लेबाज़ी की गहराई विश्व स्तर पर टॉप है।
रोहित शर्मा की यह पारी क्यों ऐतिहासिक है?
रोहित शर्मा ने अपनी 58वीं ओडीआई अर्धशतक लगाई, और यह उनकी तीसरी बड़ी टूर्नामेंट फाइनल में शानदार पारी है। इससे पहले उन्होंने 2013 के चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 विश्व कप के फाइनल में भी निर्णायक भूमिका निभाई। वह अब तक के सबसे सफल भारतीय ओडीआई कप्तान हैं।
भारत के स्पिनर्स ने न्यूजीलैंड को कैसे रोका?
वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने पावरप्ले 2 में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ों को उलझाया, जहां वे केवल 103 रन बना पाए। उनके स्पिन ने रन रेट को 3.5 के आसपास रखा, जबकि न्यूजीलैंड को 5+ की जरूरत थी। जडेजा के अंतिम ओवरों में विकेट ने दबाव बनाए रखा।
क्या इस जीत से भारत की 2027 विश्व कप की तैयारी में मदद मिलेगी?
बिल्कुल। इस जीत ने भारत के लिए नए बल्लेबाज़ों को आत्मविश्वास दिया है। श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों ने दिखाया कि वे बड़े मैचों में कैसे खेलते हैं। यह टीम अब विश्व कप के लिए एक बहुत ही खतरनाक टीम बन गई है।
क्या न्यूजीलैंड की टीम बहुत कमजोर थी?
नहीं। न्यूजीलैंड ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया — विल यंग और रचिन रविंद्र ने शतक लगाए। डेरल मिचेल और माइकल ब्रेसवेल ने फाइनल में भी अच्छा खेला। लेकिन भारत के स्पिन अटैक और अंतिम ओवरों की शांति ने उन्हें हरा दिया।
इस जीत के बाद भारतीय टीम का अगला लक्ष्य क्या है?
अगला लक्ष्य 2027 का विश्व कप है, जो दक्षिण अफ्रीका में होगा। इस जीत ने टीम को एक नई भावना दी है — जीतने की आदत। अब वे किसी भी टीम के खिलाफ अपने आप को टॉप टीम मानते हैं। रोहित के नेतृत्व में यह टीम अगले तीन सालों में दुनिया की सबसे डरावनी टीम बन सकती है।